हरियाणा। हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने GBTL मिल का निरीक्षण कर महिला कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शौचालयों और बाथरूम की खराब स्थिति, क्रेच की अनुपलब्धता तथा कार्यस्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
कंगना रनौत के बयान पर दी प्रतिक्रिया
निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मीना परमार ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के महिलाओं को लेकर दिए गए हालिया विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर ही बयान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा सर्वोपरि है और महिला आयोग महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगा।
महिला कर्मचारियों से की बातचीत
महिला आयोग की टीम ने मिल में कार्यरत महिला कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। इस दौरान यह जानकारी ली गई कि क्या उनसे निर्धारित 8 घंटे से अधिक काम लिया जा रहा है, कार्यस्थल पर किसी प्रकार का भेदभाव या उत्पीड़न हो रहा है और छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
शौचालयों की स्थिति पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कमी शौचालयों और बाथरूम की साफ-सफाई को लेकर सामने आई। मीना परमार ने कहा कि टॉयलेट और बाथरूम की स्थिति बेहद खराब मिली और ऐसा प्रतीत हुआ कि कई दिनों से उचित सफाई नहीं की गई थी।
उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिए कि अगली निरीक्षण टीम के आने से पहले महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
क्रेच की सुविधा नहीं मिली
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि मिल में फिलहाल बच्चों के लिए क्रेच की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। हालांकि मिल प्रबंधन ने जल्द ही क्रेच शुरू करने का आश्वासन दिया है।
ICC की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने इंडस्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिए कि आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) की जानकारी और सदस्यों की सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि महिला कर्मचारी किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर सीधे समिति से संपर्क कर सकें।
महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए
मीना परमार ने कहा कि हर कार्यस्थल पर महिलाओं को समान अवसर, समान वेतन, सम्मानजनक माहौल और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या अभद्र व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
