नूंह: शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में बिजली और पानी की लगातार बिगड़ती व्यवस्था को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आया। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने निदेशक कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर बुनियादी सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु जोगी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लंबे समय से बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। हालांकि पिछले चार दिनों से हालात अधिक गंभीर हो गए हैं। इससे अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोने, स्नान करने और स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता होती है। लेकिन साफ पानी की कमी के कारण संक्रमण नियंत्रण प्रभावित हो रहा है, जिससे डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि बिजली और पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण कई बार आपातकालीन सेवाएं और ऑपरेशन भी प्रभावित हो रहे हैं। इससे मरीजों के उपचार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मेडिकल कॉलेज के निदेशक को सौंपा। साथ ही उन्होंने अनिश्चितकालीन कैजुअल लीव का नोटिस देकर स्पष्ट किया कि यदि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली और पानी की समस्या उत्पन्न हुई थी। खराबी को दूर कर बिजली और पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू करा दी गई है। हालांकि रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
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