कुरुक्षेत्र के नए लघु सचिवालय सभागार में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने लोगों की समस्याएं सुनीं। बैठक में कुल 12 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 6 का मौके पर समाधान किया गया, जबकि 6 शिकायतों को अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार पहली बार ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शिकायतें सुनने पहुंचे थे और पहली ही बैठक में एक्शन मोड में नजर आए। बैठक के दौरान उन्होंने एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी के मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। हालांकि अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से उठाए गए मुद्दे पर मंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।
सोसाइटी में रिश्तेदारों की भर्ती का आरोप
किरमिच गांव के राजेश शर्मा ने शिकायत में कहा कि उनकी बेटी ईशा शर्मा करीब एक साल से दी किरमिच को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सीएससी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थी, लेकिन सोसाइटी मैनेजर ने बिना कारण उसे नौकरी से हटा दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद सोसाइटी प्रधान, मेंबर और गांव के सरपंच के भतीजे समेत पांच लोगों की अवैध भर्ती कर दी गई।
इस मामले में संबंधित एआर प्रदीप चौहान ने बताया कि मैनेजर वीरेंद्र मान को सस्पेंड कर दिया गया है और एफआईआर की सिफारिश जीएम को भेजी गई थी। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए तुरंत आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
अंसल सुशांत सिटी की समस्याओं पर बनी कमेटी
शहर की Ansal Sushant City के निवासी ईश्वर सिंह ने कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था ठप होने और बदबू फैलने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में बनी कॉलोनी में करीब 400 मकान हैं, लेकिन बिल्डर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अधूरा छोड़कर चला गया। कई विभागों में शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। इस कमेटी में पब्लिक हेल्थ, बिजली निगम, डीटीपी, नगर परिषद और ग्रीवेंस कमेटी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। मंत्री ने कमेटी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपने के आदेश दिए।
मास्टर प्लान-2041 को लेकर विधायक ने उठाए सवाल
थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र मास्टर प्लान-2041 को लेकर शिकायत रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी की बैठक बुलाए बिना ही फाइल दोबारा सरकार को भेज दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ज्योतिसर, कमोदा और मिर्जापुर गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है, लेकिन किसानों को उचित रेट नहीं मिल रहा।
अरोड़ा ने कहा कि सरकार खुद को किसान हितैषी बताती है, इसलिए किसानों की मांगों पर विचार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और कोर्ट का भी रुख करेंगे।
अधिकारियों को चेतावनी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समय रहते समाधान करें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
