Tuesday, July 28, 2026
नांगल चौधरी CCTV कैमरा एक्सेस

नांगल चौधरी में CCTV कैमरों को लेकर उठे सवाल, पुलिस बोली- इंस्टॉलेशन के बाद एक्सेस केवल थाना के पास रहेगा

महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे CCTV कैमरों को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। कैमरों का एक्सेस निजी व्यक्तियों के पास होने की चर्चाओं के बीच हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीनी पड़ताल की। जांच में सामने आया कि फिलहाल क्षेत्र में CCTV कैमरों का इंस्टॉलेशन कार्य जारी है और अभी परियोजना पूरी तरह से पूर्ण नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार नांगल चौधरी शहर में लगभग 60 से 70 CCTV कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें से करीब 40 कैमरों का इंस्टॉलेशन किया जा चुका है, जबकि शेष कैमरे लगाने का कार्य अभी जारी है।

इस पूरे मामले पर नांगल चौधरी थाना प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि निजी व्यक्तियों के पास स्थायी रूप से कैमरों का एक्सेस होने जैसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंस्टॉलेशन कार्य पूरा होने के बाद सभी कैमरों का नियंत्रण और एक्सेस केवल थाना नांगल चौधरी के पास रहेगा।

SHO पवन कुमार ने बताया कि वर्तमान में तकनीकी कारणों से कैमरे लगाने वाली कंपनी के पास अस्थायी एक्सेस है, ताकि कैमरों की टेस्टिंग, कॉन्फ़िगरेशन और तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद कंपनी का कोई एक्सेस नहीं रहेगा।

 

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वहीं, CCTV इंस्टॉलेशन कंपनी के प्रतिनिधि रणबीर ने भी बताया कि यह कार्य समाजसेवी सुधीर चौधरी के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होगा, कैमरों का पूरा नियंत्रण पुलिस विभाग को सौंप दिया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। नागरिकों का कहना है कि नांगल चौधरी क्षेत्र समाजसेवा की परंपरा के लिए जाना जाता रहा है। लोगों ने बताया कि पहले समाजसेवी चौधरी बैद्यनाथ ने क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान में अहम भूमिका निभाई थी और अब समाजसेवी सुधीर चौधरी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से CCTV कैमरे लगवा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि CCTV कैमरे लगने से अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और पुलिस जांच को भी मजबूती मिलेगी। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए समाजसेवियों की मंशा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

हालांकि, सबसे अहम सवाल यह है कि कैमरों का इंस्टॉलेशन कार्य कब तक पूरा होगा और उनका आधिकारिक नियंत्रण पुलिस को कब सौंपा जाएगा। साथ ही, CCTV कैमरों के एक्सेस को लेकर फैली चर्चाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनकी मंशा क्या थी, इसकी भी जांच आवश्यक बताई जा रही है, ताकि आम जनता के बीच पैदा हुई शंकाओं का समाधान हो सके।