नई दिल्ली: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दिल्ली दौरा औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के दूसरे दिन भी मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा हरियाणा की ‘नई उद्योग नीति’ को अंतिम रूप देना और प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण को और अधिक मजबूत करना है।
उद्योगों के लिए ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार उनके साथ हर कदम पर मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा:
“प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य निवेशकों को लालफीताशाही से मुक्त कर एक पारदर्शी और सुगम वातावरण प्रदान करना है।”
तकनीक और मूलभूत सुविधाओं का मिलेगा संगम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सभी निवेशकों को विश्वस्तरीय मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उद्योगों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि हरियाणा ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में अपनी पहचान और पुख्ता कर सके।
बैठक में मौजूद रहा भारी प्रशासनिक अमला
दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। साथ ही उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने निवेशकों के प्रस्तावों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
