यमुनानगर। पिंजौर में आयोजित 33वें मैंगो मेले में इस बार यमुनानगर के किसानों ने अपनी मेहनत और आधुनिक बागवानी तकनीकों के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई। मेले में विभिन्न जिलों के किसानों द्वारा आम की उन्नत और दुर्लभ किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें सात श्रेणियों में दिए गए पुरस्कारों में से पांच पुरस्कार यमुनानगर के किसानों ने अपने नाम किए।
इस उपलब्धि को जिले के किसानों और बागवानी विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने किया मेले का दौरा
मेले का निरीक्षण चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने किया। उन्होंने किसानों की ओर से प्रदर्शित आम की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बागवानी को बढ़ावा देने की सराहना की।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर बागवानी क्षेत्र में नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
यमुनानगर के किसानों ने बढ़ाया जिले का गौरव
मेले में चार जिलों के किसानों ने भाग लिया, लेकिन यमुनानगर के किसानों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। सात पुरस्कारों में से पांच पुरस्कार जीतकर जिले के किसानों ने अपनी मेहनत और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया।
बागवानी विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और विभाग द्वारा लगातार दिए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन का परिणाम है।
किसानों को मिल रहा 30 से 90 प्रतिशत तक अनुदान
बागवानी विभाग के अधिकारी डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को 30 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले के 15 से 20 किसान प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं, जो आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विभिन्न बागवानी फसलों की खेती कर लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।
आधुनिक खेती से बढ़ रही किसानों की आय
बागवानी विभाग के अनुसार सरकार की योजनाओं और किसानों की जागरूकता के कारण यमुनानगर बागवानी के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। विभाग ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आधुनिक खेती अपनाने की अपील की है, ताकि उनकी आय में और बढ़ोतरी हो सके।
