Saturday, May 30, 2026

UJJWAL DISHA: उत्तराखंड के क्षेत्रीय विकास पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तक प्रकाशित

 

क्षेत्रीय विकास, हिमालयी अर्थव्यवस्था एवं विकास अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अकादमिक योगदान के रूप में डॉ. आत्मा राम द्वारा लिखित पुस्तक “Changing Growth and Patterns of Development in Uttarakhand” प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य के विकास प्रतिरूपों एवं क्षेत्रीय असमानताओं का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

पुस्तक में वर्ष 2000-01, 2010-11 तथा 2020-21 के तीन अलग-अलग कालखंडों के आधार पर उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में कृषि, उद्योग, आर्थिक अवसंरचना तथा सामाजिक क्षेत्र के विकास का विस्तृत अध्ययन किया गया है। 65 संकेतकों पर आधारित Principal Component Analysis (PCA) तकनीक के माध्यम से विकास की प्रवृत्तियों एवं क्षेत्रीय विषमताओं का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया है।

इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें पिछड़े जिलों एवं कमजोर क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान करते हुए नीति-निर्माताओं के लिए लक्षित विकास रणनीतियों का सुझाव दिया गया है। पुस्तक में भौगोलिक परिस्थितियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा सामाजिक-आर्थिक स्तर को ध्यान में रखते हुए संतुलित एवं समावेशी क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

लेखक ने विकेन्द्रीकृत एवं बहु-स्तरीय नियोजन व्यवस्था, सहभागी शासन, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास नीतियों की आवश्यकता को भी प्रमुखता से रेखांकित किया है। कृषि एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।

यह पुस्तक विकास योजनाकारों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी तथा हिमालयी क्षेत्रों के सतत एवं संतुलित विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लेखक परिचय

डॉ. आत्मा राम अर्थशास्त्र के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं शोधकर्ता हैं। वे मूल रूप से जिला सिरमौर के रोनहाट क्षेत्र से संबंधित हैं।उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त की है तथा यूजीसी-जेआरएफ, एसआरएफ एवं यूजीसी-नेट तीन बार तथा सेट तीन बार उत्तीर्ण किया है। उनके शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। विकास अध्ययन, क्षेत्रीय विकास, हिमालयी विकास एवं अवसंरचना विकास उनके प्रमुख शोध क्षेत्र हैं।

वर्तमान में डॉ. आत्मा राम राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वे शिक्षण, शोध एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के माध्यम से अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *