Wednesday, July 29, 2026

UJJWAL DISHA: मांगों को लेकर गरजे पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

अंबाला।
ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को अंबाला स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे और सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग ने उनकी मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक उन्हें लागू नहीं किया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर “वादाखिलाफी बंद करो”, “पुरानी पेंशन बहाल करो” और “कर्मचारियों का हक दो” जैसे नारे लगाए।

यूनियन के प्रदेश प्रधान नरेंद्र धीमान ने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन विभागीय अधिकारी उन मांगों को धरातल पर लागू करने में रुचि नहीं दिखा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन देकर समय निकाल रही है।

उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जल घरों को पंचायतों के अधीन करने की योजना बनाई जा रही है, जिसका यूनियन विरोध करती है। उनका कहना था कि पंचायतों के पास तकनीकी संसाधन और रखरखाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होगी और कर्मचारियों की नौकरी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

यूनियन ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

क्रमांक मांग
1 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति पर एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाए
2 टर्म अपॉइंटमेंट कर्मचारियों का वेतनमान 23,900 रुपये लागू किया जाए
3 धुलाई भत्ता वेतन में जोड़ा जाए
4 जनवरी 2018 में भर्ती तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 25,500 रुपये वेतनमान मिले
5 कौशल रोजगार निगम व अनुबंध कर्मचारियों की मृत्यु पर परिवार को 10 लाख सहायता
6 2020 से 2023 तक की LTC का बकाया भुगतान
7 पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए

“कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं”

नरेंद्र धीमान ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से सरकार के साथ सहयोग करते आए हैं, लेकिन अब उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा, “सरकार कर्मचारी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो 6 जून को पीडब्ल्यूडी मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।”

प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारी

प्रदर्शन में अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पंचकूला समेत कई जिलों से कर्मचारी पहुंचे। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं और वेतनमान पुराने ही हैं।

कर्मचारियों का कहना था कि कौशल रोजगार निगम और अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिलती हैं और न ही भविष्य की सुरक्षा। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों पर तुरंत निर्णय लेना चाहिए।

6 जून को बड़ा आंदोलन संभव

यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकाला तो 6 जून को पीडब्ल्यूडी मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को राज्यव्यापी बनाया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो कार्य बहिष्कार और बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।

फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों का आक्रोश साफ तौर पर दिखाई दिया। अब निगाहें सरकार और विभागीय अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।