Wednesday, July 29, 2026
भाजपा विधायक रणधीर पनिहार की सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल से मुलाकात

भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को रामपाल ने नामदीक्षा देने से किया इनकार, कहा- पहले ज्ञान समझो फिर आना

सोनीपत आश्रम में हुई मुलाकात, चार मिनट की बातचीत बनी चर्चा का विषय

हिसार/सोनीपत। हरियाणा के हिसार जिले की नलवा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक (MLA) रणधीर पनिहार को सतलोक आश्रम (Ashram) प्रमुख रामपाल से नामदीक्षा नहीं मिल सकी। सोमवार शाम विधायक (MLA) रणधीर पनिहार सोनीपत स्थित सतलोक आश्रम (Ashram)पहुंचे और रामपाल से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब चार मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें विधायक (MLA) लगातार रामपाल की प्रशंसा करते रहे। हालांकि, जब उन्होंने नामदीक्षा की इच्छा जताई तो रामपाल ने पहले ज्ञान समझने और आश्रम (Ashram) के नियम जानने की सलाह दी।

विधायक ने जताई श्रद्धा, रामपाल ने भक्ति का दिया संदेश

मुलाकात के दौरान विधायक (MLA) रणधीर पनिहार ने कहा कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से लंबे समय से रामपाल से जुड़े हुए हैं तथा कई अवसरों पर उनकी कृपा का अनुभव कर चुके हैं। उन्होंने बाढ़ के दौरान नलवा क्षेत्र में किए गए राहत कार्यों की भी सराहना की।

इसके जवाब में रामपाल ने कहा कि परमात्मा सभी की सुनते हैं और जीवन को बेहतर बनाने के लिए भक्ति आवश्यक है। उन्होंने विधायक (MLA) को भक्ति और नाम सुमिरन का महत्व समझाने का प्रयास किया।

नाम लेने की बात पर हुई दिलचस्प चर्चा

बातचीत के दौरान जब रामपाल ने विधायक (MLA) को नाम लेने की सलाह दी, तो रणधीर पनिहार ने कहा कि वे पहले से ही उनका नाम लेते हैं। हालांकि, रामपाल ने स्पष्ट किया कि केवल नाम लेने से बात नहीं बनती।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी स्कूल में प्रवेश लेने से पहले उसके नियम और शर्तें समझनी पड़ती हैं, उसी प्रकार नामदीक्षा लेने से पहले ज्ञान और नियमों को समझना जरूरी है।

जब विधायक (MLA) ने कहा कि उनका नाम उसी दिन दर्ज कर लिया जाए, तब रामपाल ने कहा कि पहले ज्ञान समझो और आश्रम (Ashram) की “टर्म एंड कंडीशन” जानो, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।

समय मांगने पर भी नहीं मिली तुरंत मंजूरी

विधायक (MLA) ने इसके बाद नामदीक्षा के लिए समय देने का अनुरोध किया। लेकिन रामपाल ने कहा कि यह कार्य वे स्वयं नहीं करते और इसके लिए आश्रम (Ashram) के सेवादार तथा सहयोगी प्रक्रिया पूरी करवाते हैं। इसके बाद मुलाकात समाप्त हो गई और विधायक (MLA) वापस लौट गए।

बाढ़ राहत कार्यों के बाद बढ़ी थी रामपाल की लोकप्रियता

दरअसल, पिछले वर्ष मानसून के दौरान हिसार जिले के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। उस समय सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं माने गए थे। वहीं, सतलोक आश्रम (Ashram) से जुड़े लोगों ने विभिन्न गांवों में पानी निकासी के लिए मोटरें और पाइप उपलब्ध कराए थे।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस पहल की काफी चर्चा हुई थी। इसी कारण नलवा क्षेत्र में रामपाल और उनके अनुयायियों की लोकप्रियता बढ़ी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक (MLA) रणधीर पनिहार की यह मुलाकात भी इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा

मुलाकात के बाद यह घटनाक्रम राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विधायक (MLA) ने रामपाल के प्रति सम्मान व्यक्त किया, तो वहीं दूसरी ओर रामपाल ने स्पष्ट कर दिया कि नामदीक्षा की प्रक्रिया तय नियमों और आध्यात्मिक समझ के आधार पर ही पूरी की जाती है।

फिलहाल, इस मुलाकात का वीडियो और बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है तथा लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।