शिमला, 9 जून। शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर की गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणियां करना एक गलत परंपरा है और इससे राजनीतिक संवाद का स्तर गिरता है।
महापौर ने मुख्यमंत्री के समर्थन में बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मुख्यमंत्री ने हमेशा सेवा भावना का परिचय दिया है और जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सुरेंद्र चौहान ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में हिमाचल प्रदेश को भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री ने अपनी निजी संपत्ति से 51 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किए। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी मुख्यमंत्री ने अपनी व्यक्तिगत आय से 11 लाख रुपये का योगदान दिया था तथा करीब डेढ़ वर्ष तक वेतन नहीं लिया।
महापौर के अनुसार, यह मुख्यमंत्री की जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री को नजदीक से काम करते हुए देखने का अवसर मिला है और वे एक जमीनी स्तर से उभरकर आए नेता हैं, जिन्होंने लंबे संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया है।
सुरेंद्र चौहान ने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए किसी नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से स्वस्थ और मुद्दा आधारित राजनीति करने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विचारों की असहमति स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।
