कुरुक्षेत्र। हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग की ओर से श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय जन सम्मेलन में पंचायत एवं विकास तथा खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण विकास, रोजगार और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि नई योजना से गांवों में रोजगार, आधारभूत ढांचे और प्राकृतिक संसाधनों के विकास को नई गति मिलेगी।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा को 590.19 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जबकि राज्य सरकार ने भी अपने हिस्से की राशि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। इसके तहत पात्र परिवारों का पंजीकरण, जॉब कार्ड का सत्यापन और समयबद्ध तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता, तो उसे 100 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क निर्माण, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार, कौशल विकास और आपदा प्रबंधन जैसे विकास कार्य किए जाएंगे। सभी मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। यदि कोई महिला कम से कम 10 पशुओं के साथ डेयरी शुरू करती है, तो ग्राम पंचायत की ओर से निर्धारित अवधि के लिए 350 गज जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई बैठक में हरियाणा सरकार ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कों की मंजूरी, पुरानी सड़कों के रखरखाव के लिए अलग बजट, नहरों की सफाई को मनरेगा से जोड़ने, प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों का समय पर भुगतान और मनरेगा के दौरान श्रमिक की मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये सहायता देने का प्रस्ताव शामिल है।
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा मनरेगा के तहत देश में सबसे अधिक 409 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने वाला राज्य है। मजदूरी भुगतान की समय-सीमा घटाकर 7 दिन कर दी गई है। साथ ही अधिकारियों की लापरवाही पर जुर्माना 1 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बायोमेट्रिक उपस्थिति, पारदर्शी भुगतान और कृषि कार्यों के दौरान 60 दिन की विशेष व्यवस्था भी लागू की है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन योजनाओं और कानूनों का विपक्ष ने पहले विरोध किया था, आज वही ग्रामीण विकास और जनहित के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
