यमुनानगर (जगाधरी)। जगाधरी क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं, राख और कथित जहरीले पानी को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदूषण नियंत्रण विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए।
“जीना दूभर हो गया” – ग्रामीणों का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली राख और केमिकलयुक्त पानी के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि लगातार प्रदूषण के चलते बच्चे, बुजुर्ग और अन्य लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में सांस, त्वचा और अन्य बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण के कारण रहना मुश्किल हो गया है और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
फैक्ट्री मालिक ने आरोपों से किया इनकार
वहीं फैक्ट्री मालिक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी यूनिट सभी सरकारी मानकों के अनुसार संचालित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री से किसी प्रकार का जहरीला केमिकल या हानिकारक पदार्थ नहीं छोड़ा जा रहा।
जांच के लिए तैयार प्रबंधन
फैक्ट्री प्रबंधन ने कहा कि वे किसी भी तरह की जांच और निरीक्षण के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि विभाग निष्पक्ष जांच करे और सैंपल ले, तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें
एक ओर जहां ग्रामीण फैक्ट्री पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन खुद को निर्दोष बता रहा है। ऐसे में अब सबकी नजरें प्रदूषण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।
