भिवानी, 20 जून। प्रदेश सरकार द्वारा 29 जून को भिवानी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कबीर जयंती समारोह को निरस्त किए जाने के फैसले के बाद धानक समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस निर्णय को अपमानजनक बताते हुए कहा कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा और आने वाले चुनावों में इसका जवाब दिया जाएगा।
सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन, फैसले को बताया समाज का अपमान
इस मुद्दे को लेकर शनिवार को स्वामी जीतू धानक समाज कल्याण सेवा समिति के प्रधान राजकुमार सोलंकी के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों और धानक समाज के लोगों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
राजकुमार सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 28 मई को स्वयं घोषणा की गई थी कि इस बार संत कबीर साहेब की जयंती राज्य स्तर पर भिवानी में धूमधाम से मनाई जाएगी। इसके बाद समाज के लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी थीं।
‘राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला’
सोलंकी ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक दबाव में आकर अचानक कार्यक्रम निरस्त करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि संत कबीर किसी एक जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे समाज के महापुरुष हैं। ऐसे में उनके जयंती समारोह को रद्द करना गरीब और पिछड़े वर्ग की भावनाओं को आहत करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि धानक समाज ने कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए गांव-गांव जाकर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स लगवाए थे। इस पर समाज द्वारा करीब 6 से 7 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो अब व्यर्थ चले गए हैं।
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आंदोलन की चेतावनी, चुनाव में जवाब देने की बात
धानक समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 29 जून को प्रस्तावित समारोह को पुनः आयोजित करने का निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
राजकुमार सोलंकी ने कहा कि वर्ष 2024 के चुनावों में डीएससी समाज ने भाजपा को समर्थन दिया था, जिसमें धानक समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सम्मान से खिलवाड़ किया गया तो आने वाले चुनावों में इसका जवाब वोट की चोट से दिया जाएगा।
