सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के चूड़धार की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों में रास्ता भटकने के बाद चार श्रद्धालु मुश्किल में फंस गए। सूचना मिलने के बाद हरिपुरधार पुलिस ने करीब 8 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया और चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान पुलिस टीम को अंधेरे और बेहद दुर्गम रास्तों के बीच काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
चूड़धार की चढ़ाई के दौरान रास्ता भटके श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब 5 बजे चंडीगढ़ से आए श्रद्धालुओं का एक दल सराहा के रास्ते चूड़धार की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ता भटकने से दल के दो युवक साकेत (21) और राहुल शर्मा (22) अलग हो गए और पताल खड्ड के घने जंगल की ओर चले गए।
शाम ढलने के साथ जंगल में अंधेरा बढ़ता गया और दोनों युवकों से संपर्क करना मुश्किल हो गया। उनके फंसने की सूचना मिलने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
रात 8 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
पुलिस थाना प्रभारी के अनुसार, सूचना मिलते ही करीब रात 8 बजे पुलिस टीम जंगल की ओर रवाना हुई। घना अंधेरा, ठंड और दुर्गम पहाड़ी रास्ते रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे।
पुलिस टीम ने लगातार जंगल में सर्च अभियान जारी रखा और पताल खड्ड की ओर तलाश की। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 1 बजे दोनों युवकों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
भूखे-प्यासे युवकों को आधी रात सुरक्षित निकाला
रेस्क्यू के दौरान दोनों युवकों के भूखे-प्यासे और ठंड से परेशान होने की जानकारी सामने आई। पुलिस टीम ने उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और उनकी स्थिति का जायजा लिया।
दुर्गम जंगल में कई घंटे तक फंसे रहने के बावजूद दोनों युवकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
करनाल का दंपति भी जंगल में फंसा
इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान करनाल से आए एक दंपति के भी रास्ता भटककर जंगल में फंसने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी तलाश शुरू की और आधी रात के दौरान दोनों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस तरह हरिपुरधार पुलिस के अभियान में कुल चार श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि रात में घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने युवकों और बाद में करनाल के दंपति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चार श्रद्धालुओं को समय रहते मदद मिल गई और संभावित बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।
चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं से सावधानी की अपील
चूड़धार क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों को देखते हुए श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अंधेरा होने से पहले निर्धारित मार्ग पर वापस लौटना, मौसम की जानकारी रखना और समूह से अलग न होना महत्वपूर्ण है।
हरिपुरधार पुलिस के इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखाया कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति के दौरान समय पर पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।
