अंबाला। सावन माह की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। शिव भक्तों की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर कांवड़ शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अंबाला कैंट के ग्रेस पैलेस में झंडा पूजन के साथ 54वें कांवड़ शिविर का शुभारंभ किया गया।
यह शिविर शिव कांवड़ संस्था द्वारा पिछले 28 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। शिविर में कांवड़ियों के लिए रहने, ठहरने, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
कांवड़ियों की हर सुविधा का रखा गया ध्यान
शिव कांवड़ संस्था के प्रधान सुभाष गोयल ने बताया कि शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए रहने, भोजन, पेयजल, दवाइयों और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश से हरिद्वार जाने और लौटने वाले बड़ी संख्या में कांवड़िए इस शिविर में रुकते हैं।
शिवरात्रि के नजदीक बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
संस्था के अनुसार अभी कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई है। जैसे-जैसे सावन शिवरात्रि नजदीक आएगी, वैसे-वैसे कांवड़ियों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
नशा मुक्ति और सुरक्षा का संदेश
शिविर की एक विशेषता यह भी है कि यहां रुकने वाले कांवड़ियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाता है। साथ ही परिवार के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग और सुरक्षित व्यवस्थाएं की गई हैं।
पुलिस गाइडलाइन का पालन करने की अपील
सुभाष गोयल ने बताया कि संस्था पुलिस प्रशासन द्वारा जारी सभी गाइडलाइन का पालन कर रही है। कांवड़ियों से भी अपील की गई है कि वे अपना पहचान पत्र साथ रखें, सड़क के एक ओर चलें और यातायात नियमों का पालन करें।
श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा
शिव कांवड़ संस्था के सदस्यों ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में कांवड़ियों की सेवा करना भगवान शिव की सच्ची आराधना है। इसी भावना के साथ पिछले कई वर्षों से यह शिविर संचालित किया जा रहा है और आगे भी सेवा का यह क्रम जारी रहेगा।
