हरिपुरधार (जिला सिरमौर)। हरिपुरधार में बंद पड़े सिविल अस्पताल को लेकर क्षेत्र में लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। क्षेत्र की करीब आधा दर्जन पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायत दिवड़ी खड़ाह के प्रधान विनय छींटा की अगुवाई में वीरवार को नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर अस्पताल को तत्काल पुनः शुरू करने की मांग की।
ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि हरिपुरधार सिविल अस्पताल को जल्द नहीं खोला गया, तो क्षेत्र के लोग और पंचायत प्रतिनिधि व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
अस्पताल बंद होने से हजारों लोग प्रभावित
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल बंद होने के कारण हजारों लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है और लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की मांग
मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में हरिपुरधार सिविल अस्पताल को तत्काल पुनः संचालित करने और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम पंचायत दिवड़ी खड़ाह के प्रधान विनय छींटा, बियोंग टटवा की प्रधान अंजना शर्मा, टीकरी डसकना की प्रधान अनुराधा सहित कई पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप
इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक विनय कुमार पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए आश्वासन अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
आंदोलन की रणनीति की चेतावनी
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो हरिपुरधार क्षेत्र में व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और लोगों के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
