अंबाला: अंबाला छावनी के लाल कुर्ती इलाके में रेल नीर की बिक्री से जुटाई गई 18 लाख 63 हजार 250 रुपये की नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। रकम अंबाला, जम्मू, अमृतसर और लुधियाना रेलवे स्टेशनों की बिक्री से संबंधित बताई जा रही है। थाना पड़ाव पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लाल कुर्ती स्थित घर में रखी थी 18.63 लाख की नकदी
कंपनी के हेड मैनेजर सुरेंद्र कौशल की शिकायत के अनुसार, 2 अक्टूबर की रात चार रेलवे स्टेशनों की बिक्री से प्राप्त कुल 18,63,250 रुपये की नकदी अंबाला स्टेशन के स्टेशन मैनेजर विवेक कुशवाहा के पास थी। यह रकम लाल कुर्ती स्थित कंपनी के परिसर/गोदाम में रखी गई थी।
शिकायत के मुताबिक, 3 अक्टूबर की सुबह स्टेशन मैनेजर की ओर से नकदी गायब होने की सूचना दी गई। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी।
कंपनी के हेड मैनेजर ने स्टेशन मैनेजर पर जताया संदेह
हेड मैनेजर सुरेंद्र कौशल ने पुलिस को दी शिकायत में इतनी बड़ी रकम के गायब होने की परिस्थितियों को संदिग्ध बताया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्टेशन मैनेजर की ओर से बताए गए घटनाक्रम और उनके बयानों में विरोधाभास नजर आया।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि नकदी चोरी में स्टेशन मैनेजर की कोई भूमिका थी या नहीं। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य खंगाल रही पुलिस
थाना पड़ाव पुलिस ने लाल कुर्ती स्थित परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके साथ ही अंबाला रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि संबंधित लोगों की आवाजाही का सत्यापन किया जा सके।
पुलिस कर्मचारियों और स्टेशन स्टाफ से भी पूछताछ कर रही है। मामले में तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध बयानों का मिलान किया जा रहा है।
कंपनी प्रबंधन ने अनिल विज से भी की मुलाकात
इस मामले को लेकर कंपनी के मालिक और हेड मैनेजर ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज से उनके आवास पर मुलाकात कर चोरी की रकम और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। कंपनी की ओर से मामले की गहन जांच और चोरी की रकम बरामद करने की मांग की गई है।
पुलिस बोली- जल्द मामले का खुलासा करने का प्रयास
थाना पड़ाव पुलिस के अनुसार, मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर स्टेशन मैनेजर समेत अन्य संदिग्धों के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि चोरी हुई रकम बरामद करने और मामले का जल्द खुलासा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि 18.63 लाख रुपये की नकदी आखिर किस तरह गायब हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
