Wednesday, October 7, 2026
मनप्रीत कौर एशियन गेम्स कांस्य पदक

अंबाला से जुड़ी मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य, 17.17 मीटर थ्रो से शानदार वापसी

कॉमनवेल्थ गेम्स में चौथे स्थान के बाद मनप्रीत ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास

अंबाला। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से चूकने के करीब दो महीने बाद भारतीय शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर ने शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत लिया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में मनप्रीत ने महिला शॉटपुट फाइनल में 17.17 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पोडियम पर जगह बनाई। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक है।

चौथे थ्रो से पक्का किया कांस्य

मनप्रीत कौर ने प्रतियोगिता की शुरुआत 16.32 मीटर के थ्रो से की। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया और चौथे प्रयास में 17.17 मीटर का थ्रो किया, जो उन्हें कांस्य पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। चीन की सॉन्ग जियायुआन ने 19.40 मीटर के साथ स्वर्ण और झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक जीता।

इस प्रदर्शन के साथ मनप्रीत एशियन गेम्स में महिला शॉटपुट पदक जीतने वाली भारत की केवल तीसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में 17.49 मीटर थ्रो के बावजूद रह गई थीं चौथे स्थान पर

इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में मनप्रीत कौर ने 17.49 मीटर का थ्रो किया था, लेकिन वह पदक से चूकते हुए चौथे स्थान पर रही थीं। एशियन गेम्स में उन्होंने इस निराशा से उबरते हुए 17.17 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

मनप्रीत के लिए यह पदक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से मजबूत वापसी की है।

डोपिंग प्रतिबंध के बाद की शानदार वापसी

मनप्रीत कौर के करियर में 2017 का डोपिंग मामला भी एक बड़ा पड़ाव रहा, जिसके बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया था। प्रतिबंध पूरा होने के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स में वापसी की और लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी मनप्रीत ने कांस्य पदक जीता था। अब एशियन गेम्स में कांस्य पदक ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

सुबह चार बजे से शुरू होती थी मेहनत

मनप्रीत के परिवार के मुताबिक, अंबाला में रहते हुए वह रोजाना सुबह करीब 4 बजे अभ्यास के लिए निकलती थीं और दिनभर कड़ी मेहनत करती थीं। उनके पति करमजीत सिंह खुद खिलाड़ी रह चुके हैं और अब मनप्रीत के कोच की भूमिका निभाते हैं।

परिवार के मुताबिक, मनप्रीत और उनके पति दोनों रेलवे में कार्यरत हैं। खेल और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच मनप्रीत ने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की।

परिवार में खुशी का माहौल, गुरुद्वारा साहिब में अरदास की तैयारी

मनप्रीत के एशियन गेम्स पदक जीतने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार ने कहा कि मनप्रीत की वर्षों की मेहनत अब रंग लाई है और उन्होंने देश का नाम रोशन किया है।

परिवार के अनुसार, इस उपलब्धि की खुशी में गुरुद्वारा साहिब जाकर अरदास की जाएगी और मिठाई बांटकर जश्न मनाया जाएगा।

संघर्ष के बाद मिला एशियन गेम्स का पहला पदक

36 वर्षीय मनप्रीत कौर के लिए 17.17 मीटर का यह थ्रो केवल एक पदक नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष और वापसी की कहानी का हिस्सा है। कॉमनवेल्थ गेम्स में मामूली अंतर से पदक से चूकने के बाद उन्होंने एशियन गेम्स में पोडियम पर जगह बनाकर अपने प्रदर्शन को फिर से साबित किया।

अब एशियन गेम्स का कांस्य पदक उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हो गया है।