Wednesday, July 29, 2026
चूड़धार यात्रा में वाहन रोके गए

नौहराधार में रोके गए श्रद्धालुओं के वाहन, चूड़धार यात्रा पर निकले भक्तों में रोष

16 से 18 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए श्रद्धालु, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

नौहराधार (सिरमौर)।
देवों के देव भगवान शिव की पावन तपोस्थली चूड़धार के दर्शन के लिए पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गुरुवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन द्वारा चाबधार तक जाने वाले वाहनों को नौहराधार में ही रोक दिए जाने से श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। कई श्रद्धालुओं को मजबूरन 16 से 18 किलोमीटर का अतिरिक्त पैदल सफर तय करना पड़ा।

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु निजी वाहनों के माध्यम से चूड़धार यात्रा के लिए पहुंचे थे। लेकिन नौहराधार में वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

वाहन रोके जाने के बाद कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन से जवाब मांगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चंडीगढ़ से आई एक महिला श्रद्धालु ने इस व्यवस्था पर कड़ा विरोध जताया। उनका सवाल था कि जब कुछ स्थानीय वाहन चाबधार तक जा रहे हैं तो बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को क्यों रोका जा रहा है।

इस दौरान महिला और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।

PWD और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि नौहराधार-चाबधार सड़क अभी तक औपचारिक रूप से वाहनों की आवाजाही के लिए स्वीकृत नहीं है, तो लंबे समय से इस मार्ग पर वाहनों का संचालन कैसे हो रहा था।

यात्रियों का आरोप है कि सड़क मार्ग पर कहीं भी बैरिकेड्स या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को पहले से जानकारी मिल सके। ऐसी स्थिति में श्रद्धालु अनावश्यक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

चूड़धार यात्रा के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग

श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि चूड़धार यात्रा को लेकर एक स्पष्ट और समान नीति लागू की जाए। यदि सड़क पर किसी प्रकार का प्रतिबंध है तो इसकी सूचना पहले से सार्वजनिक की जाए और मार्ग पर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं।

भक्तों का कहना है कि चाबधार तक सड़क की स्थिति संतोषजनक है और यात्रा सीजन के दौरान वाहनों की सीमित आवाजाही की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक पैदल सफर न करना पड़े।

धार्मिक पर्यटन स्थल पर अव्यवस्था से बढ़ी नाराजगी

चूड़धार हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में यात्रा सीजन के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बन गए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बेहतर प्रबंधन और स्पष्ट दिशा-निर्देशों से ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि श्रद्धालुओं की शिकायतों और मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।