चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को बड़ी आर्थिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 1890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के साथ प्रोएक्टिव मॉडल पर काम कर रही है और DBT के जरिए भुगतान पारदर्शिता तथा सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में संचालित 15 विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों को बिना किसी परेशानी के समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त भी जारी की। इस किस्त के तहत 10 लाख 10 हजार बहन-बेटियों के बैंक खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक इस योजना की 11 किस्तों के माध्यम से कुल 2254 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
इसी कार्यक्रम के दौरान दयालु योजना के तहत 4520 परिवारों को 168 करोड़ 13 लाख 21 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसमें दयालु योजना-2 के 70 परिवार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज जारी राशि को मिलाकर अब तक दयालु योजना के तहत कुल 3320 करोड़ 61 लाख 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत भी मुख्यमंत्री ने 670 लाभार्थियों को 311.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोत्साहन राशि पहले ई-कुबेर के माध्यम से जारी की गई है। इसके तहत पात्र प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत सात कार्य दिवसों के भीतर अग्रिम रूप से जारी किया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि आवेदन की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद 45 कार्य दिवसों के भीतर जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा एंटरप्राइज एंड एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी (HEEP) के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं LWR के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, PADMA के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये तथा MSE क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर के विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये जारी किए गए।
किसानों के लिए भी मुख्यमंत्री ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 6177 किसानों को 49 करोड़ 89 लाख रुपये की भावांतर राशि जारी की। यह राशि आलू, फूलगोभी और शहद उत्पादक किसानों के लिए दी गई है। इसमें आलू की फसल के लिए 6012 किसानों को 48 करोड़ 9 लाख रुपये, फूलगोभी के लिए 99 किसानों को 46 लाख 76 हजार रुपये और शहद के लिए 66 किसानों को 1 करोड़ 32 लाख 73 हजार रुपये की राशि शामिल है।
आलू की भावांतर राशि अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला के सब्जी उत्पादक किसानों को जारी की गई है। फूलगोभी की राशि अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के किसानों को मिली है। वहीं शहद की राशि अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और यमुनानगर के मधुमक्खी पालकों को जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की राशि को मिलाकर अब तक 45 हजार 764 किसानों को 246 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
वहीं हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत भी प्रदेश की महिलाओं को राहत दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 लाख बहनों के बैंक खातों में जुलाई माह की 19 करोड़ 68 लाख रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। आज जारी राशि को मिलाकर इस योजना के तहत अब तक कुल 359 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। DBT व्यवस्था के जरिए बिचौलियों की भूमिका कम करने के साथ-साथ भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का दावा है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के किसान, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग, उद्यमी और अन्य पात्र लाभार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
