अंबाला: गणेश चतुर्थी का पर्व अब कुछ ही दिन दूर है। ऐसे में भगवान गणेश को अपने घर में विराजमान करवाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अंबाला में भी गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शहर में जगह-जगह भगवान गणेश की छोटी-बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
अंबाला में पिछले करीब 30 वर्षों से भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर रहे मूर्तिकार इस बार भी अलग-अलग स्वरूपों में प्रतिमाओं को आकार दे रहे हैं। मिट्टी, रंग और कारीगरी के जरिए भगवान गणेश के आकर्षक स्वरूप तैयार किए जा रहे हैं। इस बार तैयार की गई प्रतिमाओं में मोरपंखी गणेश, भगवान शिव के स्वरूप में गणेश और शेषनाग पर विराजमान गणेश की प्रतिमाएं खास आकर्षण बनी हुई हैं।
6 से 10 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
गणेश चतुर्थी से पहले अंबाला के बाजार भगवान गणेश की भव्य प्रतिमाओं से सजने लगे हैं। कहीं छोटी प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही हैं तो कहीं कई फीट ऊंची प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस बार यहां करीब 6 से 10 फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
मूर्तिकारों के मुताबिक, अंबाला में तैयार होने वाली गणेश प्रतिमाओं की मांग केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। इन प्रतिमाओं को लेने के लिए पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी श्रद्धालु अंबाला पहुंच रहे हैं। इससे गणेश चतुर्थी से पहले मूर्तिकारों और प्रतिमा विक्रेताओं में भी खासा उत्साह है।
शेषनाग और मोरपंखी गणेश की खास मांग
इस बार भगवान गणेश के पारंपरिक स्वरूपों के साथ कुछ विशेष डिजाइन की प्रतिमाएं भी तैयार की गई हैं। इनमें शेषनाग के नीचे विराजमान भगवान गणेश, मोरपंखी स्वरूप और भगवान शिव के स्वरूप में तैयार की गई गणेश प्रतिमाएं लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
मूर्तिकारों का कहना है कि श्रद्धालु अपनी पसंद और आस्था के अनुसार प्रतिमाओं का चयन कर रहे हैं। खास तौर पर बड़ी प्रतिमाओं को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार करीब 10 फीट ऊंची भगवान गणेश की विशेष प्रतिमा भी तैयार की गई है।
श्रद्धा के अनुसार देते हैं राशि, नहीं होता सख्त मोलभाव
गणेश प्रतिमाओं की बिक्री को लेकर यहां एक खास बात भी सामने आई है। मूर्तिकार के मुताबिक, प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं के साथ सख्त मोलभाव नहीं किया जाता। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जो राशि देना चाहते हैं, उसे ही स्वीकार किया जाता है।
मूर्तिकारों का कहना है कि उनके लिए भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार करना सिर्फ कारोबार नहीं बल्कि आस्था और परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि पिछले करीब तीन दशकों से वे लगातार गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं और हर साल नए स्वरूपों के साथ श्रद्धालुओं के बीच पहुंचते हैं।
अंबाला में गणेश उत्सव को लेकर बढ़ा उत्साह
गणेश चतुर्थी को लेकर अंबाला में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं सजने लगी हैं और श्रद्धालु अपने घरों तथा सार्वजनिक आयोजनों के लिए प्रतिमाओं की खरीदारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है। मूर्तिकारों को भी इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
