कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा को लेकर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने कहा कि 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में 5 परीक्षा केंद्र, 1980 अभ्यर्थी होंगे शामिल
प्रशासन द्वारा जिले में परीक्षा के लिए 5 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कुल 1980 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा संचालन के लिए शाहबाद के एसडीएम शंभू राठी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
NEET-UG 2026 परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के कड़े इंतजाम
उपायुक्त ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली और सुरक्षा जांच व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग जांच काउंटर बनाए गए हैं। प्रत्येक 100 परीक्षार्थियों पर एक सुरक्षा जांच काउंटर तथा 48 परीक्षार्थियों पर एक बायोमेट्रिक उपकरण लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के दिन दोपहर 1:45 बजे से जैमर सक्रिय कर दिए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।
मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, रैम्प और व्हीलचेयर जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों के बाहर ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है।
अभिभावकों के लिए धर्मशालाओं में व्यवस्था
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए विभिन्न धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा के दौरान अभिभावक इन निर्धारित स्थानों पर आराम कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को बेहतर परीक्षा वातावरण मिल सके।
