पानीपत। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद पानीपत जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को बिशनस्वरूप कॉलोनी में संचालित चार बड़े कोचिंग सेंटरों को फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलने पर मौके पर ही सील कर दिया गया।
SDM की अगुवाई में हुई औचक छापेमारी
SDM मनदीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने बिशनस्वरूप कॉलोनी में औचक निरीक्षण किया। टीम में जिला दमकल अधिकारी गुरमेल सिंह, थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर फतेह सिंह और पुलिस बल भी मौजूद रहा।
जांच के दौरान पाया गया कि कई कोचिंग सेंटरों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त फायर फाइटिंग सिस्टम और सुरक्षित इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी। प्रशासन ने बताया कि इन संस्थानों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
एंबिशन और उड़ान समेत चार सेंटर सील
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एंबिशन, उड़ान समेत कुल चार कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई इतनी सख्त रही कि संचालकों को अंदर से जरूरी सामान या दस्तावेज निकालने की भी अनुमति नहीं दी गई।
कार्रवाई की भनक लगते ही बच्चों को बाहर छोड़कर फरार हुए संचालक
प्रशासन की कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के कई कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को तुरंत बाहर निकाल दिया, संस्थान पर ताला लगाकर मौके से चले गए।
अचानक हुई इस स्थिति में कई छात्र-छात्राएं काफी देर तक तेज धूप में सड़क और गलियों में खड़े रहने को मजबूर रहे। हालांकि कुछ संस्थानों ने पहले ही विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी थी।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षण संस्थानों में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
