Monday, July 27, 2026
मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट का प्रबंधन HSGMC ने संभाला

शाहाबाद के मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान का प्रबंधन HSGMC ने संभाला, कर्मचारियों को वेतन देने का ऐलान

कुरुक्षेत्र। जिला कुरुक्षेत्र के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच सोमवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी यानी HSGMC ने संस्थान का प्रबंधन अपने हाथ में लेने का दावा किया है। कमेटी के प्रधान जगदीश झींडा ने कहा कि अब संस्थान का संचालन हरियाणा कमेटी की देखरेख में होगा और डॉक्टरों, कर्मचारियों समेत अन्य स्टाफ को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

जगदीश झींडा ने कहा कि संस्थान में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह HSGMC की होगी। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि संस्थान का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा और सभी कर्मचारी बिना किसी चिंता के अपना काम करते रहें।

झींडा के मुताबिक, कर्मचारियों की एक महीने की बकाया सैलरी करीब 1 करोड़ 37 लाख रुपये है, जिसे मंगलवार को जारी करने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, दो महीने के शेष बकाया वेतन का भुगतान करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

HSGMC प्रधान ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों से संस्थान में अपनी सेवाएं जारी रखने की अपील की।

वहीं, झींडा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी की ओर से प्रबंधन सौंपने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की ओर से HSGMC की क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन अब कमेटी ने संस्थान का प्रबंधन संभालकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।

जगदीश झींडा ने दावा किया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी राज्य के कानून के तहत गठित वैधानिक संस्था है और अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार संस्थानों का संचालन करने का अधिकार रखती है। उन्होंने कहा कि अब ट्रस्ट और संस्थान से जुड़े प्रशासनिक कार्य हरियाणा कमेटी के माध्यम से किए जाएंगे।

हालांकि, संस्थान के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आगे की स्थिति पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। फिलहाल HSGMC की ओर से कर्मचारियों के बकाया वेतन के भुगतान और संस्थान के संचालन को सुचारु रूप से जारी रखने का भरोसा दिया गया है।

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