Saturday, September 12, 2026
अंबाला किसान जागरूकता शिविर

अंबाला के दुखेड़ी में किसान जागरूकता शिविर, धान की फसल और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

अंबाला। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और खेती से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अंबाला के दुखेड़ी गांव में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मार्केट कमेटी अंबाला कैंट की ओर से किया गया। शिविर में किसानों को धान की फसल में आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मार्केट कमेटी चेयरमैन बलविंदर सिंह पूनिया, मंडी सेक्रेटरी नीरज भारद्वाज सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

धान की फसल को लेकर किसानों को किया जागरूक

जागरूकता शिविर में किसानों को धान की फसल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को खेती के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और ऐसी समस्याओं से बचाव के उपायों के बारे में बताया।

इस दौरान किसानों ने भी अपनी खेती और मंडी से जुड़ी कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। मार्केट कमेटी चेयरमैन और मंडी सेक्रेटरी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

सरकारी योजनाओं की किसानों ने की तारीफ

शिविर के दौरान किसानों को सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। किसानों ने बताया कि सब्सिडी और अन्य योजनाओं से उन्हें आर्थिक मदद मिल रही है।

किसानों ने धान की सीधी बिजाई को लेकर मिलने वाली आर्थिक सहायता का भी जिक्र किया। किसानों के मुताबिक, ऐसी योजनाओं से खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है।

MSP और भावांतर योजना का भी मिला लाभ

किसानों ने हरियाणा में कई फसलों पर MSP मिलने को भी सरकार की बड़ी पहल बताया। इसके साथ ही भावांतर योजना के तहत कम कीमत मिलने की स्थिति में किसानों को आर्थिक भरपाई किए जाने की व्यवस्था की भी किसानों ने सराहना की।

किसानों का कहना है कि फसल की बिक्री के बाद राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से उन्हें पहले की तुलना में काफी सुविधा हुई है। किसानों के मुताबिक, अब भुगतान के लिए बार-बार आढ़तियों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।

10 रुपये में खाना भी किसानों के लिए बड़ी राहत

किसानों ने मंडियों में शुरू की गई किसान मजदूर अटल कैंटीन को भी उपयोगी पहल बताया। उनका कहना है कि मंडी में केवल 10 रुपये में खाना उपलब्ध होने से किसानों और मजदूरों को काफी सुविधा मिल रही है।

पहले किसानों को खाना खाने के लिए मंडी से बाहर या घर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब मंडी में ही सस्ता खाना मिलने से उन्हें राहत मिली है।

किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा

किसान जागरूकता शिविर में योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ किसानों की समस्याओं को सुनने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों को संबंधित स्तर पर रखा जाएगा।

वहीं, किसानों ने कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी गांव और मंडी स्तर तक पहुंचने से उन्हें इनका लाभ लेने में आसानी होती है। किसानों ने जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए मार्केट कमेटी का आभार भी जताया।