अंबाला। पंजोखड़ा साहिब विवाद का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सिख संगत पर हुए लाठीचार्ज के बाद जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी के बीच हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि अब इस मामले को जिला प्रशासन के स्तर पर नहीं, बल्कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए।
अंबाला के पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 अगस्त से पहले सिख संगत के साथ बैठक कर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की पहल के बाद झींडा ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
झींडा बोले- अब मुख्यमंत्री ही फाइनल अथॉरिटी
पत्रकारों से बातचीत में जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि उन्होंने पहले ही जिला प्रशासन से बातचीत कर मामले को बैठकर सुलझाने की बात कही थी। हालांकि, उनके मुताबिक अब वह समय निकल चुका है।
झींडा ने कहा कि अब हरियाणा के मुख्यमंत्री ही फाइनल अथॉरिटी हैं। यदि मुख्यमंत्री की ओर से 25 अगस्त से पहले सिख समाज को बातचीत के लिए बुलावा भेजा जाता है तो वह जरूर जाएंगे और पूरे मामले पर बातचीत करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब इस मामले में न्याय मुख्यमंत्री के स्तर पर ही होना चाहिए।
लाठीचार्ज को लेकर प्रशासन पर उठाए सवाल
HSGPC प्रधान ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अंबाला के पुलिस अधीक्षक को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी तौर पर पुलिस से बड़ी गलती हुई है।
झींडा का कहना था कि यदि पुलिस पहले स्पष्ट रूप से कह देती कि जगह खाली कर दें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी, तो स्थिति अलग हो सकती थी। उनके मुताबिक संगत को पहले इस तरह की स्पष्ट चेतावनी नहीं दी गई।
उन्होंने प्रशासन से भी अपनी “ईगो” छोड़कर बातचीत के रास्ते पर आने की अपील की।
25 अगस्त को ज्यादा से ज्यादा संख्या में अंबाला पहुंचने का आह्वान
झींडा ने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की सिख संगत से 25 अगस्त को ज्यादा से ज्यादा संख्या में अंबाला पहुंचने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सिख समाज यह दिखाना चाहता है कि वह किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से चाहता है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार के साथ बातचीत के जरिए कोई समझौता नहीं होता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई सिख संगत द्वारा की जाएगी।
“सिख संगत हर मसले का शांतिपूर्ण हल चाहती है”
झींडा ने कहा कि सिख संगत किसी विवाद की शुरुआत नहीं करती, लेकिन अपने ऊपर होने वाली कार्रवाई को लेकर चुप भी नहीं बैठती। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद का समाधान टकराव से नहीं बल्कि बातचीत से निकाला जाना चाहिए।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 25 अगस्त से पहले मुख्यमंत्री की ओर से सिख प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया जाता है या नहीं और पंजोखड़ा साहिब विवाद को लेकर सरकार और सिख संगत के बीच कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।
