भिवानी: भारतीय सेनाओं द्वारा अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के स्थायी कोटे को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव का भिवानी के युवाओं और सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले कोचों ने स्वागत किया है। हालांकि युवाओं का कहना है कि सरकार यदि स्थायी भर्ती का प्रतिशत 100 फीसदी कर दे, तो यह देश सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा।
भिवानी में हर रोज हजारों युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं। हरियाणा लंबे समय से देश की सेनाओं में बड़ी संख्या में जवान देने वाला राज्य रहा है। लेकिन अग्निपथ योजना लागू होने के बाद कई युवाओं में भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। उनका कहना है कि चार साल बाद सेवा समाप्त होने की आशंका के कारण कई युवाओं ने सेना भर्ती की तैयारी छोड़ दी।
जानकारी के अनुसार, सेना और वायुसेना ने अग्निवीरों के स्थायी चयन का कोटा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने, जबकि नौसेना ने इसे 75 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इस प्रस्ताव से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
सेना भर्ती कोच सोमबीर तथा तैयारी कर रहे युवा पुष्पेंद्र और कपिल ने कहा कि सेना में जाने का सबसे बड़ा उद्देश्य देश सेवा है। लेकिन चार साल बाद सेवा समाप्त होने की अनिश्चितता के कारण कई परिवार अपने बच्चों को अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की तैयारी करने से रोकते हैं।
युवाओं का कहना है कि सीमित स्थायी भर्ती के कारण सामाजिक स्तर पर भी कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। उनका मानना है कि यदि स्थायी भर्ती का प्रतिशत बढ़ाया जाता है तो युवाओं का मनोबल मजबूत होगा और अधिक संख्या में युवा सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की कि अग्निवीरों के स्थायी चयन का प्रतिशत और बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने पर विचार किया जाए, ताकि देश सेवा का सपना देखने वाले युवाओं का भविष्य अधिक सुरक्षित हो सके।
हालांकि, अग्निवीरों के स्थायी कोटे में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाना बाकी है। ऐसे में अब युवाओं की नजर सरकार के आगामी फैसले पर टिकी हुई है।
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