Saturday, September 12, 2026
अंबाला हाईवे पर पुलिस कार्रवाई

अंबाला हाईवे पर तनाव के बाद एसपी का बड़ा बयान, बोले- हालात बिगड़े तो लाठीचार्ज जरूरी था

अंबाला। हाईवे पर सिख संगत और पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर अब अंबाला के एसपी ने पुलिस की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा है। एसपी के मुताबिक, संगत को हाईवे की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कुछ लोगों ने वाहनों से बैरिकेड तोड़ दिए। इस दौरान मौके पर डीएसपी समेत पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

स्थिति बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन इसके बावजूद हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस का कहना है कि प्रशासन और सिख समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

एफआईआर की मांग पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

एसपी के अनुसार, सिख संगत की मुख्य मांग गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की थी। पुलिस का कहना है कि जांच में यह सामने आया कि मंड खुद वाहन नहीं चला रहा था। इसके बावजूद संगत की मांग को देखते हुए मंड और उसके बेटे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज करने की मांग पूरी होने के बाद ऐसी अन्य मांगें सामने आईं, जो अदालत की प्रक्रिया से संबंधित थीं और जिन्हें पुलिस प्रशासन मौके पर पूरा नहीं कर सकता था।

बिगड़ते हालात के बीच हाईवे खाली करवाना जरूरी: एसपी

एसपी ने कहा कि रात का समय था और मौके पर स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों के पास हथियार भी मौजूद थे। ऐसे में हाईवे को खाली करवाना कानून-व्यवस्था के लिहाज से जरूरी हो गया।

पुलिस के अनुसार, पहले भीड़ को समझाने का प्रयास किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेकर हाईवे खुलवाना पड़ा।

एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हाईवे पर यातायात बहाल करने के लिए की गई।

25 अगस्त की बैठक को लेकर एसपी की अपील

वहीं, 25 अगस्त को प्रस्तावित बैठक को लेकर भी एसपी ने सिख जत्थेबंदियों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर न आए और बातचीत शांतिपूर्ण तरीके से हो।

एसपी ने कहा कि पुलिस प्रशासन बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और कानून के दायरे में आने वाली हर जायज मांग पर चर्चा की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित संगठन की होगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर बातचीत और समाधान का रास्ता हमेशा खुला है।