Wednesday, July 29, 2026
8वां वेतन आयोग रेलवे कर्मचारी

अंबाला में NRMU की प्रेस कॉन्फ्रेंस: 8वें वेतन आयोग और पेंशन मुद्दे पर रखी गई कर्मचारियों की मांगें

अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (NRMU) के यूएमबी डिवीजन कार्यालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF) और NRMU के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा तथा NRMU के केंद्रीय अध्यक्ष एस.के. त्यागी ने मीडिया को 8वें वेतन आयोग, पेंशन योजना और रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AIRF/NRMU के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के हितों को लेकर लगातार रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि 8वें वेतन आयोग को लेकर यूनियन ने सरकार और मंत्रियों के समक्ष कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से रखा है।

शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि अंबाला दौरा उनके लिए इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि अंबाला मंडल सचिव निर्मल सिंह का आज सेवानिवृत्ति दिवस भी था। उन्होंने उनके लंबे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यूनियन लगातार कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है।

महासचिव ने बताया कि यूनियन लंबे समय से उन कर्मचारियों के परिवारों के लिए संघर्ष कर रही थी, जिनकी मृत्यु वर्ष 2003 से पहले हो गई थी और जिनके आश्रितों ने 2003 में आवेदन किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति 2004 या उसके बाद हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे आश्रितों को भी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी, जिस पर रेल मंत्रालय की ओर से पत्र भी जारी किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें: मनीषा हत्याकांड में नया मोड़: अनशन से पहले पिता को पुलिस ने रोका, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

उन्होंने कहा कि यूनियन का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। रेलवे देश का एक विशाल विभाग है, जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारी बेहद कठिन और दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की सुविधाओं और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए भी यूनियन लगातार प्रयास कर रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान शिव गोपाल मिश्रा ने 8वें वेतन आयोग से जुड़ी संभावनाओं और कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर भी विस्तार से चर्चा की तथा भरोसा दिलाया कि यूनियन रेल कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में भी संघर्ष जारी रखेगी।