अंबाला। हरियाणा में मानसून की दस्तक के बाद कई जिलों में बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन अंबाला के किसानों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। समय पर वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। किसान फिलहाल ट्यूबवेल और नहरी पानी के सहारे खेतों में रोपाई कर रहे हैं, लेकिन तेज गर्मी और नमी की कमी के कारण काम सामान्य गति से नहीं हो पा रहा।
धान की रोपाई के मौसम में बिहार सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर अंबाला पहुंचते हैं। इस बार बारिश नहीं होने के कारण इन मजदूरों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है। जहां सामान्य दिनों में एक मजदूर दिनभर में 5 से 6 एकड़ तक धान की रोपाई कर लेता था, वहीं अब भीषण गर्मी के चलते मुश्किल से 2 से 3 एकड़ तक ही काम कर पा रहा है।
गर्मी से मजदूरों की बढ़ी परेशानी
बिहारी मजदूरों का कहना है कि तेज धूप और उमस के कारण लंबे समय तक खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। बारिश न होने से खेतों की स्थिति भी अनुकूल नहीं है, जिससे उनकी कार्यक्षमता कम हो गई है और रोज़गार पर सीधा असर पड़ रहा है।
ट्यूबवेल और नहरी पानी के सहारे खेती
किसानों का कहना है कि वे फिलहाल ट्यूबवेल और नहर के पानी से धान की रोपाई कर रहे हैं, लेकिन प्राकृतिक बारिश के बिना खेती की लागत बढ़ रही है। कई खेतों में रोपाई धीमी गति से चल रही है और मजदूरों को भी पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष अच्छी बारिश होने से धान की रोपाई समय पर पूरी हो गई थी, लेकिन इस बार मौसम का साथ नहीं मिल रहा। हालांकि मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है। किसानों को उम्मीद है कि यदि जल्द बारिश होती है तो खेती को राहत मिलेगी और रोपाई का कार्य भी गति पकड़ सकेगा।
बारिश से मिलेगी राहत की उम्मीद
किसान और खेतिहर मजदूर दोनों अब अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका मानना है कि समय पर मानसूनी बारिश होने से न केवल धान की रोपाई में तेजी आएगी, बल्कि मजदूरों को भी पर्याप्त रोजगार मिलेगा और खेती की लागत में भी कमी आएगी।
