अंबाला। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल प्रदेशभर में लगातार जारी है। हड़ताल के 13वें दिन अंबाला में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। कर्मचारियों ने निकाय मंत्री विपुल गोयल के खिलाफ शव यात्रा निकाली और बाद में उनका पुतला फूंका।
प्रदर्शन की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश उपप्रधान सेवा राम बोहत ने की।
शहर के बाजारों से निकाली निकाय मंत्री की शव यात्रा
कर्मचारियों ने पहले निकाय मंत्री के खिलाफ शव यात्रा निकाली। यह यात्रा शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए अंबाला कैंट के सदर बाजार चौक तक पहुंची।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निकाय मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
सदर बाजार चौक पर फूंका पुतला
शव यात्रा के बाद कर्मचारियों ने अंबाला कैंट के सदर बाजार चौक पर निकाय मंत्री के पुतले का दहन किया।
पुतला जलाते समय अचानक आग काफी तेज भड़क गई। इस दौरान प्रदेश उपप्रधान सेवा राम बोहत भी आग की चपेट में आ गए। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और बड़ा हादसा होने से टल गया।
बाल-बाल बचे कर्मचारी नेता
आग अचानक भड़कने से प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने आग बुझा दी और स्थिति को संभाल लिया गया।
इस घटना ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। प्रदेश उपप्रधान सेवा राम बोहत ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही।
उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
13 दिन से जारी है हड़ताल
सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की 13 दिन से जारी हड़ताल के चलते निकायों की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। खासकर बरसात के मौसम में सफाई व्यवस्था और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या हड़ताल आगे भी जारी रहती है।
