Tuesday, July 28, 2026

UJJWAL DISHA: चुनावी शोर के बीच ‘सन्नाटा’—अंबाला की आशीर्वाद कॉलोनी ने नेताओं के प्रवेश पर लगाई रोक

अंबाला, —
नगर निगम चुनाव को लेकर जहां शहर के हर वार्ड में चुनावी सरगर्मी चरम पर है, वहीं अंबाला की आशीर्वाद कॉलोनी पूरी तरह इस माहौल से अलग-थलग नजर आ रही है। चुनावी शोर और रैलियों के बीच यह कॉलोनी सन्नाटे में डूबी हुई है।

यह सन्नाटा केवल खामोशी नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे लोगों का गुस्सा और निराशा है, जो अब खुलकर सामने आ रही है।


कॉलोनी के बाहर लगा ‘नो एंट्री’ का बैनर

आशीर्वाद कॉलोनी के निवासियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक बैनर लगा दिया है, जिसमें साफ लिखा है कि किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या कार्यकर्ता को यहां वोट मांगने के लिए आने की अनुमति नहीं है।

यह कदम स्थानीय लोगों के आक्रोश का स्पष्ट संकेत है, जो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।


टूटी सड़कें, गंदगी और सुविधाओं का अभाव

कॉलोनी की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। टूटी-फूटी सड़कें, बदहाल सफाई व्यवस्था और जल निकासी की कमी यहां के लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो यहां पक्की सड़कें हैं, न नालियों की व्यवस्था और न ही नियमित सफाई होती है।

सबसे बड़ी सम

स्या पीने के पानी की है। लोगों का आरोप है कि उन्हें आज भी पानी के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को और कठिन बना देता है।


‘40 साल से सिर्फ वादे, कोई काम नहीं’

आशीर्वाद कॉलोनी के

निवासियों का कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार या जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया।

हर चुनाव में नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और वोट लेने के बाद गायब हो जाते हैं।

“हर बार हमें भरोसा दिलाया जाता है कि हमारी कॉलोनी का विकास होगा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं,” एक स्थानीय निवासी ने बताया।


नेताओं को साफ चेतावनी

कॉलोनी के लोगों ने इस बार साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोई भी नेता या पार्टी कार्यकर्ता यहां वोट मांगने न आए।

उनका कहना है कि अब वे किसी भी राजनीतिक दल के झांसे में नहीं आने वाले हैं और अपने वोट का इस्तेमाल विरोध दर्ज कराने के लिए करेंगे।


NOTA दबाने का लिया फैसला

स्थानीय निवासियों ने इस बार एकजुट होकर चुनाव में NOTA (None of the Above) का विकल्प चुनने का फैसला किया है।

उनका कहना है कि जब कोई भी उम्मीदवार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता, तो उन्हें वोट देने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

“हम इस बार किसी को वोट नहीं देंगे, बल्कि NOTA दबाकर अपना विरोध जताएंगे,” कॉलोनी के एक बुजुर्ग निवासी ने कहा।