Wednesday, July 29, 2026

NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस का हमला, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भिवानी। देशभर में NEET परीक्षा समाप्त होने के बाद भी इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। कांग्रेस पार्टी ने NEET परीक्षा को मुद्दा बनाते हुए प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताओं का सिलसिला शुरू किया है। इसी कड़ी में भिवानी में कांग्रेस के ग्रामीण जिला प्रधान अनिरुद्ध चौधरी और शहरी जिला प्रधान प्रदीप गुलिया ने प्रेस वार्ता कर NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में जिस प्रकार की अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, उसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण देश के अनेक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और कई छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम भी उठाए। इसके लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

ग्रामीण जिला प्रधान अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा के बजट से अधिक खर्च अभिभावकों को बच्चों की कोचिंग पर करना पड़ रहा है, जो शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि NEET परीक्षा दोबारा आयोजित करने के दौरान प्रश्नपत्रों के परिवहन में एयरफोर्स की सहायता लेना इस बात का संकेत है कि शिक्षा तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने नई शिक्षा नीति पर भी पुनर्विचार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छोटी कक्षाओं में बोर्ड परीक्षाएं लागू करने से बच्चों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और उनका प्राकृतिक प्रतिभा विकास प्रभावित हो रहा है।

वहीं, शहरी जिला प्रधान प्रदीप गुलिया ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से अपील की कि वे तनाव मुक्त होकर पढ़ाई करें और किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल देते हैं। छात्रों को सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

यह भी पढ़े: राम मंदिर चंदा मामले पर नरेश चौहान की प्रतिक्रिया, सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग