भिवानी। गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को भिवानी में विभिन्न संगठनों की ओर से गौ सम्मान अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गौवंशों के साथ शहर में यात्रा निकाली गई और इसके बाद प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की गई।
गौ सम्मान अभियान के तहत निकाली गई यात्रा में गौ रक्षा दल, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और साधु-संतों समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। यात्रा का नेतृत्व नंदी ने किया। संतों के सानिध्य में यात्रा भिवानी के प्रेक्षा विहार से शुरू हुई, जो घंटाघर, हांसी गेट और पुराने बस स्टैंड से होते हुए लघु सचिवालय पहुंची।
प्रदर्शनकारियों ने गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौहत्या पर रोक लगाने की मांग को लेकर हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन तैयार किया था। इसे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया। हालांकि, लघु सचिवालय पहुंचने के बाद ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी के आने में देरी हुई, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली।
अधिकारी के इंतजार में प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के गेट के बाहर ही बैठ गए। इस दौरान उन्होंने विरोध स्वरूप सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
गौ सम्मान अभियान में शामिल लोगों ने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय के बाहर कुछ समय तक माहौल धार्मिक और आंदोलनात्मक बना रहा।
