भिवानी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आंदोलन अब भिवानी में भी जोर पकड़ने लगा है। भिवानी में युवाओं ने राष्ट्रपति के नाम अपने खून से मांग पत्र लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। युवाओं का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
भिवानी में पूर्व सांसद चौधरी जंगबीर सिंह के आवास पर युवा कल्याण संगठन और स्वतंत्रता सेनानी कल्याण संगठन की ओर से चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक की जयंती मनाई गई। इसी दौरान युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम अपने खून से मांग पत्र लिखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
युवा कल्याण संगठन के अध्यक्ष कमल प्रधान ने कहा कि पिछले काफी समय से युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखना पड़ा। उन्होंने नीट परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि कथित अनियमितताओं से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक युवा संयम और अनुशासन के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
वहीं युवाओं सुमित बजाड़ और अनूप कुमार ने कहा कि जब महात्मा गांधी के समय भी लोग धरना और अनशन करते थे, तब सरकार उनसे बातचीत करती थी, लेकिन आज शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं से बातचीत नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है। युवाओं ने लोगों से अपील की कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अपने-अपने गांव और शहरों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखें।
युवाओं का कहना है कि प्रधानमंत्री से उम्मीद के बाद अब उन्होंने राष्ट्रपति के नाम खून से मांग पत्र लिखा है। उनका दावा है कि आंदोलन को युवाओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप लेने की संभावना जताई जा रही है।
