Wednesday, July 29, 2026
पलवल फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल

पलवल जिला सचिवालय में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ प्रदर्शन

पलवल। आगजनी जैसी आपातकालीन (Emergency) परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने और जनसुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पलवल जिला सचिवालय परिसर में व्यापक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल (Fire Safety Mock Drill) का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन किया।

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल (Mock Drill) की निगरानी अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने इंसिडेंट कमांडर के रूप में की।


काल्पनिक आग लगने की घटना पर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

मॉक ड्रिल (Mock Drill) की शुरुआत जिला सचिवालय भवन में काल्पनिक आग लगने की सूचना से की गई। अलार्म बजते ही कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग (Fire Department) की टीम मौके पर पहुंची और आधुनिक उपकरणों की सहायता से आग पर काबू पाने का अभ्यास किया।

इस दौरान दमकल कर्मियों (Firefighters) ने धुएं से भरे क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों का भी प्रदर्शन किया। वहीं, प्राथमिक उपचार टीम ने घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने का अभ्यास किया।


स्वास्थ्य और पुलिस विभाग ने निभाई अहम भूमिका

मॉक ड्रिल (Mock Drill) में स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ भी पूरी तरह सक्रिय रहे। उन्होंने आपातकालीन (Emergency) स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर पुलिस विभाग ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण और रेस्क्यू टीमों को सहयोग देने की जिम्मेदारी संभाली।


कर्मचारियों को दिए गए फायर सेफ्टी के महत्वपूर्ण टिप्स

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल (Mock Drill) का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और आम नागरिकों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सही और सुरक्षित कदम उठाने के प्रति जागरूक करना है।

अग्निशमन अधिकारियों ने कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) के सही उपयोग की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले अलार्म बजाना, बिजली आपूर्ति बंद करना और तुरंत अग्निशमन विभाग (Fire Department) को सूचना देना जरूरी है।


सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी: उत्सव आनंद

अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सभी संस्थानों और नागरिकों को अग्नि सुरक्षा नियमों की जानकारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, अग्निशमन यंत्रों का रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन आगजनी की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा समय-समय पर आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल (Mock Drill) कर्मचारियों के आत्मविश्वास और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करती हैं।


नागरिकों से की गई जागरूक रहने की अपील

ड्रिल (Mock Drill) के समापन पर अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आगजनी की घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दें। साथ ही भवन से बाहर निकलते समय लिफ्ट का उपयोग न कर सीढ़ियों का प्रयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।