हिसार। हिसार के महावीर स्टेडियम में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया सिंथेटिक ट्रैक एक बार फिर उखड़ गया है। बताया जा रहा है कि निर्माण के बाद ट्रैक में पहले भी खराबी सामने आई थी, जिसके बाद विभाग की ओर से इसकी मरम्मत करवाई गई थी। अब रिपेयर के बाद दोबारा ट्रैक के उखड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रैक के निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आई थी। निर्माण के कुछ समय बाद ही ट्रैक के एक हिस्से में खराबी सामने आई थी, जिसके बाद उसे रिपेयर किया गया। अब बारिश का पानी जमा होने वाले हिस्से के आसपास ट्रैक दोबारा उखड़ने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लागत से तैयार किया गया सिंथेटिक ट्रैक इतनी जल्दी खराब क्यों हो रहा है।
मामले को लेकर ओलंपिक एसोसिएशन ने जिला खेल अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने तथा निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ट्रैक का इतनी जल्दी खराब होना बेहद चिंता का विषय है और इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं। एसोसिएशन की ओर से पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री हरियाणा, खेल मंत्री, खेल विभाग के निदेशक और उपायुक्त को भी भेजी गई है।
ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल और महासचिव कृष्ण पंवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण खेल infrastructure की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रैक के निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच जरूरी है।
वहीं जिला खेल अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि ट्रैक में आई समस्या को लेकर संबंधित कंपनी को अवगत कराया गया है। विभाग की ओर से कंपनी को पत्र भी लिखा गया है और कंपनी द्वारा ट्रैक को दोबारा ठीक करवाने का काम किया जाएगा।
अब देखना होगा कि जांच में ट्रैक के बार-बार खराब होने की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है। फिलहाल डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक के दोबारा उखड़ने का मामला खेल विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
