Wednesday, July 29, 2026
हिसार नवजात मौत वेंटिलेटर

हिसार में वेंटिलेटर न मिलने से नवजात की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

हरियाणा के हिसार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक दर्दनाक मामला सामने आया है। नागरिक अस्पताल में जन्मे एक नवजात की वेंटिलेटर सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और मामले में कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, हिसार की महावीर कॉलोनी निवासी पूजा ने नागरिक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। जन्म के करीब एक घंटे बाद नवजात को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अस्पताल के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रोहतक स्थित पीजीआई रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि रोहतक पीजीआई पहुंचने के बाद भी नवजात को वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद परिवार बच्चे को वापस हिसार के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही नवजात ने दम तोड़ दिया।

मृतक नवजात के पिता राकेश, बुआ ज्ञानदेव और चाचा सुजीत का कहना है कि यदि समय पर वेंटिलेटर की सुविधा मिल जाती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उनका आरोप है कि चिकित्सकों ने बिना यह सुनिश्चित किए कि रोहतक में वेंटिलेटर उपलब्ध है या नहीं, नवजात को रेफर कर दिया। अब परिजन मामले की शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वहीं, नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. रीमा जैन ने बताया कि अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में केवल एक वेंटिलेटर उपलब्ध है, जिस पर पहले से एक अन्य नवजात का इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से भी संपर्क किया गया था, लेकिन वहां भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था। इसके बाद बच्चे को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।

इस मामले में सिविल सर्जन (सीएमओ) ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की उपलब्धता और गंभीर मरीजों के रेफरल सिस्टम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन अब मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।