हिसार: हरियाणा के हिसार में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन (आईपीएस) के नेतृत्व में जिला पुलिस ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। नशा तस्करी, साइबर अपराध, अवैध शराब और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के चलते हिसार पुलिस की कार्यशैली प्रदेश में एक प्रभावी पुलिसिंग मॉडल के रूप में चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 6 जुलाई 2026 के बीच की अवधि की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि से करने पर लगभग हर प्रमुख श्रेणी में कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पुलिस ने अपराध दर्ज करने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध नेटवर्क ध्वस्त करने और अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी।
नशा तस्करों पर सबसे बड़ी कार्रवाई
हिसार पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 135 मामले दर्ज किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 64 थी। इन मामलों में 226 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक है। व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अवैध शराब कारोबारियों पर कसा शिकंजा
आबकारी अधिनियम के तहत वर्ष 2026 में 94 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष केवल 23 मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में 101 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 288 प्रतिशत अधिक है।
साइबर अपराधियों पर तकनीक आधारित कार्रवाई
साइबर अपराध के मामलों में हिसार पुलिस ने ₹86.02 लाख से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई। साथ ही 171 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक है।
अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति
हिसार पुलिस ने एनडीपीएस मामलों में करीब ₹1.79 करोड़ मूल्य की अवैध संपत्ति अटैच की। यह पिछले वर्ष की तुलना में 184 प्रतिशत अधिक है। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
एसपी सिद्धांत जैन ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि हिसार पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध की पूरी आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त करना है। आधुनिक तकनीक, मजबूत सूचना तंत्र और प्रभावी जांच के माध्यम से नशा तस्करी, साइबर ठगी, अवैध शराब और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अपराध, नशा तस्करी या साइबर ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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