Wednesday, July 29, 2026
होडल बिजली संकट

दो महीने से बिजली-पानी संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया, अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता

होडल (पलवल)। हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा से सटे करमन गांव में पिछले करीब दो महीनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। बिजली और पेयजल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों प्रभावित रहा।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात को संभालने का प्रयास किया।

बिजली गुल, पानी का भी गहराया संकट

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले लगभग दो महीनों से बिजली आपूर्ति लगातार बाधित है, जिसके कारण पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और अन्य अधिकारी शिकायत के दौरान फोन तक नहीं उठाते। बीती रात लगभग 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बिजली पूरी तरह गुल रहने के बाद लोगों का धैर्य जवाब दे गया और सैकड़ों महिला-पुरुष राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए।

हाईवे पर लगा लंबा जाम

प्रदर्शनकारियों ने तख्त, बांस और बल्लियां लगाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया। इससे दिल्ली से आगरा और मथुरा की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यातायात प्रभावित होने की सूचना मिलते ही डीएसपी सुरेश भड़ाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद दिल्ली की ओर जाने वाला मार्ग तो खोल दिया गया, लेकिन मथुरा की दिशा में ग्रामीण जाम पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अधिकारियों को सुननी पड़ी ग्रामीणों की नाराजगी

डीएसपी के बुलावे पर नायब तहसीलदार दलबीर दुग्गल, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता अनिल सोलंकी और एसडीओ राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

करीब एक घंटे तक चली बातचीत और समझाइश के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।

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पुलिस ने संभाला मोर्चा

डीएसपी सुरेश भड़ाना ने बताया कि जाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया, जिसके बाद उन्होंने शांतिपूर्वक जाम समाप्त कर दिया।