Wednesday, July 29, 2026
किशाऊ बांध परियोजना

किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल को बड़ी राहत, न निवेश करना होगा न महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी: नरेश चौहान

किशाऊ बांध परियोजना पर हिमाचल को बड़ी राहत, न निवेश करना होगा न महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि लंबे समय से लंबित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े राज्यों के बीच हुई बैठक के बाद आगे का रास्ता साफ हो गया है।

नरेश चौहान ने बताया कि टौंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, जबकि परियोजना से बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन भी होगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में परियोजना को 90:10 के अनुपात में आगे बढ़ाने का प्रस्ताव था। इस व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश को करीब 800 करोड़ रुपये का योगदान देना पड़ता और 2.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली भी खरीदनी पड़ती।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने रखा हिमाचल का पक्ष

नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश न तो परियोजना में आर्थिक योगदान देगा और न ही महंगी बिजली खरीदेगा। उन्होंने यह भी मांग रखी कि प्रदेश को परियोजना से मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए।

चौहान के अनुसार, विभिन्न राज्यों के बीच बनी सहमति के बाद अब हिमाचल प्रदेश को लगभग 600 करोड़ रुपये मूल्य की मुफ्त बिजली मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

प्रदेश हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शुरू से ही हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और मामलों में प्रदेश के पक्ष को मजबूती से रखा है।

कड़छम-वांगतू परियोजना में भी मिली बड़ी सफलता

नरेश चौहान ने बताया कि कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना के मामले में मुख्यमंत्री के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश को 18 प्रतिशत रॉयल्टी सुनिश्चित हुई है। इससे प्रदेश को हर वर्ष लगभग 252 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

वाइल्ड फ्लॉवर हॉल मामले में भी मिला लाभ

उन्होंने कहा कि छराबड़ा स्थित वाइल्ड फ्लॉवर हॉल होटल मामले में भी राज्य सरकार ने कानूनी लड़ाई लड़कर सफलता हासिल की। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश को करीब ढाई करोड़ रुपये प्रतिमाह आय के साथ लगभग 300 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि प्राप्त हुई है।

नरेश चौहान ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश के आर्थिक हितों, प्राकृतिक संसाधनों और विकास परियोजनाओं में प्रदेश के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।