आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय शिक्षा के दो मॉडल चल रहे हैं। एक तरफ नकल और पेपर लीक का सिस्टम है, जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी का शिक्षा मॉडल है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देना है। सिसोदिया ने पंजाब में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के तहत पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जरूरी विषय के रूप में लागू किए जाने की घोषणा को ऐतिहासिक कदम बताया।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जहां सीबीएसई में AI को वैकल्पिक विषय के तौर पर देखा जाता है, वहीं पंजाब में इसे पहली से 12वीं कक्षा तक जरूरी विषय बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ खानापूर्ति नहीं होगी, बल्कि इसके लिए स्कूलों में IT सिस्टम तैयार किया गया है और शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस दिशा में पूरी तैयारी के साथ काम किया जा रहा है और आने वाले समय में यह शिक्षा का एक बड़ा मॉडल बन सकता है।
सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो मॉडल हैं—एक भाजपा का मॉडल और दूसरा अरविंद केजरीवाल का शिक्षा मॉडल। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मॉडल में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है, जबकि आम आदमी पार्टी का मॉडल बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने का अवसर देने पर केंद्रित है।
पेपर लीक के मुद्दे पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक की बात गलत तरीके से प्रचारित की जा रही है। उनके अनुसार, नकल करने की कोशिश करने वाले लोगों को पकड़ा गया था, लेकिन इसे पेपर लीक बताना सही नहीं है।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सिसोदिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और वहां के हालात देखकर गुस्सा आता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति करने के बजाय देश के बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। सिसोदिया ने कहा कि वह खुद वहां जाकर हालात देख चुके हैं और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
वहीं, पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां PSEB के तहत पहली से 12वीं कक्षा तक AI विषय को अनिवार्य किया जा रहा है। पेपर लीक मामले को लेकर अपने इस्तीफे की मांग पर बैंस ने कहा कि सरकार ने नकल को रोकने के लिए कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के लिए शाबाशी देने के बजाय इस्तीफा मांगना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और वह पहले दिन से पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
