Wednesday, July 29, 2026
मनीषा हत्याकांड भिवानी

मनीषा हत्याकांड में नया मोड़: अनशन से पहले पिता को पुलिस ने रोका, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

भिवानी। चर्चित मनीषा हत्याकांड में सोमवार को नया मोड़ सामने आया। मनीषा के पिता संजय द्वारा भिवानी लघु सचिवालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव कुडल के पास ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रोक लिया। वहीं, अनशन के समर्थन में पहुंचे सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी लघु सचिवालय के बाहर धरना देने से रोक दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र का हनन बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी भी नागरिक को न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार है।

कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने कहा कि मनीषा हत्याकांड को करीब 10 महीने हो चुके हैं और लगातार विभिन्न संगठनों द्वारा न्याय की मांग को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछली पंचायत में निर्णय लिया गया था कि 29 तारीख को मनीषा के पिता संजय लघु सचिवालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसका सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठन समर्थन करेंगे।

प्रदीप गुलिया ने आरोप लगाया कि जब संजय अनशन के लिए भिवानी आ रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद जब कांग्रेस और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।

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उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन और सरकार मनीषा को न्याय दिलाने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, तो भारी पुलिस बल तैनात करने की क्या आवश्यकता थी।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनीषा को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और मामले को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है।