कुरुक्षेत्र। शाहाबाद स्थित मीरी पीरी संस्थान के कर्मचारी और डॉक्टर पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में सोमवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के राज्य स्तरीय कार्यालय श्री गुरु रामदास निवास के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए बकाया वेतन जारी करने और लिखित आश्वासन देने की मांग की।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कई बार मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक वेतन जारी नहीं किया गया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें लिखित रूप में भरोसा नहीं दिया जाता और तीन महीने का बकाया वेतन जारी नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों ने दावा किया कि सिख ज्यूडिशरी आयोग भी एक सप्ताह के भीतर वेतन जारी करने के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद अभी तक उनके खातों में वेतन नहीं पहुंचा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले में लगातार टालमटोल की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने वेतन भुगतान में असमर्थता जताई थी। कर्मचारियों का कहना है कि इस स्थिति में आंदोलन ही उनके पास अंतिम विकल्प बचा है।
धरना दे रहे कर्मचारियों ने बताया कि उनके परिवार पूरी तरह वेतन पर निर्भर हैं। बच्चों की फीस, बैंक ऋण की किस्तें और घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।
फिलहाल कर्मचारी लिखित आश्वासन और बकाया वेतन मिलने तक धरना जारी रखने पर अड़े हुए हैं। वहीं, इस मामले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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