Wednesday, July 29, 2026
पलवल अमृत सरोवर योजना

पलवल में अमृत सरोवर योजना से जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली नई दिशा

पलवल। हरियाणा सरकार की अमृत सरोवर योजना के तहत पलवल जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हाल ही में राज्यभर में 222.97 करोड़ रुपये की लागत से 325 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया गया। इसी योजना के तहत पलवल जिले में 10 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 24 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण पूरा किया गया है।

जिले के पांच ब्लॉकों में विकसित हुए 24 अमृत सरोवर

खंड विकास अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि जिले के पलवल, होडल, हथीन, बडौली और पृथला ब्लॉकों में 24 अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि सरोवरों के चारों ओर पक्के रास्ते, बैठने के लिए बेंच, स्ट्रीट लाइट और हरियाली विकसित की गई है, जिससे ये ग्रामीणों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन गए हैं। वहीं निर्माण कार्य को मनरेगा से जोड़कर स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया।

तालाबों का पानी सिंचाई के लिए होगा उपयोग

पंचायत विभाग के एसडीओ बच्चू सिंह ने बताया कि हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की निगरानी में तालाबों का निरीक्षण, ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किया गया। योजना के तहत तालाबों के पानी को साफ कर सिंचाई योग्य बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले में विकसित अमृत सरोवरों की देखरेख अब संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है।

ब्लॉकवार अमृत सरोवर

  • बडौली ब्लॉक – 9 तालाब
  • पलवल ब्लॉक – 5 तालाब
  • हथीन ब्लॉक – 4 तालाब
  • होडल ब्लॉक – 4 तालाब
  • पृथला ब्लॉक – 2 तालाब

कुल मिलाकर जिले में 24 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। शेष तालाबों के विकास के लिए सरकार जल्द नया बजट जारी करेगी।

चिरवाड़ी गांव बना मॉडल

गांव चिरवाड़ी के सरपंच प्रतिनिधि प्रभु सिंह ने बताया कि गांव में दो तालाबों का पुनर्विकास किया गया है। यहां गंदे पानी के उपचार के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। तालाब के चारों ओर टाइल ट्रैक, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, फेंसिंग, पौधारोपण और बैठने की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों को मिला लाभ

ग्रामीण ओमकार सिंह और श्याम सिंह नंबरदार ने बताया कि अमृत सरोवर बनने के बाद गांव का वातावरण बेहतर हुआ है। लोग सुबह-शाम यहां सैर करते हैं और तालाब का पानी खेतों की सिंचाई में भी उपयोग हो रहा है। उन्होंने इसे सरकार की सराहनीय पहल बताया।