चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने महिलाओं से हर महीने 1,000 रुपये आर्थिक सहायता देने का बड़ा चुनावी वादा किया था। सरकार बनने के करीब चार साल बाद भी यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकी है। अब एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में है और महिलाओं को सरकार से अपने वादे के पूरा होने की उम्मीद है।
हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि महिलाओं के खातों में तीन-तीन महीने की राशि एक साथ भेजी जाएगी। उनके अनुसार सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, योजना के लागू होने की आधिकारिक तारीख अब तक स्पष्ट नहीं की गई है।
महिलाओं ने कहा- अब घोषणा नहीं, राशि मिलने का इंतजार
इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान कई महिलाओं ने कहा कि उन्होंने चुनाव के समय सरकार के वादे पर भरोसा किया था, लेकिन अब तक उनके बैंक खातों में एक भी किस्त नहीं आई है।
महिलाओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में यदि सरकार यह आर्थिक सहायता देती है तो घरेलू खर्चों में काफी राहत मिलेगी। उनका मानना है कि अब केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि योजना का वास्तविक लाभ जल्द मिलना चाहिए।
आर्थिक सहायता से मिलेगी राहत
महिलाओं ने कहा कि सरकार को अपने चुनावी वादों को समय पर पूरा करना चाहिए। उनका कहना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो विशेष रूप से जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और घरेलू खर्चों का बोझ कुछ हद तक कम होगा।
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योजना लागू होने पर टिकी निगाहें
सरकार की ओर से एक बार फिर महिलाओं को राशि देने का भरोसा दिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि योजना की आधिकारिक शुरुआत कब होगी और लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त कब पहुंचेगी।
