रेणुका बांध डूब क्षेत्र में रुके विकास कार्यों को लेकर बढ़ी चिंता
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह क्षेत्र में रेणुका बांध डूब क्षेत्र से जुड़े गांवों में विकास कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं। सेक्शन-4 लागू होने के कारण सड़क, पेयजल, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से की मुलाकात
इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर संगड़ाह ग्रामीण पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि विकास कार्यों पर लगी रोक के कारण क्षेत्र के लोगों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
लंबित विकास कार्यों को अनुमति देने की मांग
पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क, पेयजल और नालियों के कार्य सबसे ज्यादा प्रभावित
स्थानीय लोगों के अनुसार, विकास कार्यों पर रोक के कारण सड़क निर्माण, पेयजल योजनाएं, नालियों का निर्माण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट प्रभावित हैं। इससे ग्रामीणों की आवाजाही और दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से देखते हुए जल्द आवश्यक अनुमति दी जाए, ताकि लंबित विकास कार्यों को पूरा कर लोगों को राहत मिल सके।
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