रेवाड़ी: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध अब हरियाणा के रेवाड़ी में भी देखने को मिला। घटना के विरोध में जिले के विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े सैकड़ों छात्र एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार तथा शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य और केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
छात्र संगठनों का कहना है कि युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के बाद छात्र संगठनों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने, पेपर लीक मामलों पर रोक लगाने और देश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि वे अपने भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठा रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से दिए गए कुछ बयानों में नेपाल की तर्ज पर आंदोलन और तख्तापलट जैसी बातें भी कही गईं। ऐसे बयानों को प्रदर्शनकारियों की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल छात्र संगठनों ने सरकार से पेपर लीक के मामलों में प्रभावी कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
