पिहोवा। पिहोवा स्थित FCI गोदाम के बाहर राइस मिलर मालिकों ने बुधवार को रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मिलर मालिकों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से चावल से भरे उनके ट्रक गोदाम के बाहर खड़े हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से उन्हें खाली नहीं करवाया जा रहा। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राइस मिलर मालिकों ने अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर उनकी गाड़ियों को अनलोड नहीं किया जा रहा।
30 जून की समय सीमा से बढ़ी चिंता
प्रदर्शन कर रहे राइस मिलरों ने बताया कि सरकार की ओर से चावल जमा करवाने के लिए 30 जून तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में यदि समय पर गाड़ियां खाली नहीं होतीं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मिलर मालिकों का कहना है कि एक ओर सरकार समय सीमा तय कर रही है, वहीं दूसरी ओर गोदामों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है।
“सरकार की व्यवस्था का खामियाजा मिलरों को भुगतना पड़ रहा”
राइस मिलरों ने आरोप लगाया कि गोदाम में उचित प्रबंधन की कमी है और इसका सीधा असर मिलरों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई दिनों से ट्रकों के खड़े रहने से परिवहन लागत बढ़ रही है और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
मिलरों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
FCI प्रबंधन ने बताया लेबर की कमी वजह
वहीं, FCI गोदाम के मैनेजर नेत्रपाल ने कहा कि गोदाम में श्रमिकों (लेबर) की कमी के कारण अनलोडिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर सभी राइस मिलरों की गाड़ियों को समय पर खाली करवाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
समाधान का इंतजार
फिलहाल राइस मिलर मालिक प्रशासन से शीघ्र समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है।
