यमुनानगर। हिंदू धर्म में सावन के पहले सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पूरा श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान व्रत रखने, शिवलिंग का जलाभिषेक करने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
सावन के पहले सोमवार के अवसर पर यमुनानगर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
12 शिवलिंगों पर हुआ जल और दूध का अभिषेक
यमुनानगर की सरोजिनी कॉलोनी स्थित श्री हनुमान दयालु जी मंदिर में स्थापित 12 शिवलिंगों पर श्रद्धालुओं ने सुबह से जल और दूध का अभिषेक किया।
मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भक्तों ने भगवान शिव की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने बताया सावन सोमवार का महत्व
मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि श्रावण मास का पहला सोमवार विशेष फलदायी माना जाता है। भगवान शिव को सोमवार अत्यंत प्रिय है और इस दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक करने से सभी प्रकार की इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर में जल और दूध के अभिषेक के दौरान शिवलिंग पर नाग जैसी आकृति भी दिखाई दी, जिसे उन्होंने शुभ संकेत माना।
पुजारियों ने बताया धार्मिक महत्व
मंदिर के पुजारी केशव शर्मा और संपूर्णानंद शर्मा ने बताया कि श्रावण मास में व्रत, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
उन्होंने कहा कि सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और पूरे दिन जलाभिषेक का क्रम जारी है।
शिवभक्ति में डूबा यमुनानगर
सावन के पहले सोमवार पर यमुनानगर के मंदिरों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
